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Showing posts from September, 2020

शहीद भगत सिंह🙏

  एक  यही  नाम  है  जो  लेकर  दिलो  में  जोश  और  आंखों  में  जुनून  जगता  है एक  यही  नाम  है  जिसकी  वजह  से  सिर  फक्र  से  उठता  है एक  यही  नाम  है  जिसे  सुनकर  रगों  में  खून  उबलता  है एक  यही  नाम  है  जो  बर्दास्त  करने  की  जगह  लड़ना  सिखाता  है राख  का  हर  एक  कण  मेरी  गर्मी  से  गतिमान  है। मैं  एक  ऐसा  पागल  हु जो  जेल  में  भी  आज़ाद  है।।                                   भगत सिंह जी आज  जन्मदिवस  है  उस  शख्श  का  जिन्होंने  हमे  सिखायी  थी  वीरता ! आज  जन्मदिवस  है  उस  शख्श  का  जिन्होंने  हमे  बताई  थी  आज़ादी ! मैंने  सुनी  है  लोगो  से  उस  वीर  की  कहानियां ! कैसे  लड़े  थे  वो  आज़ादी  के  लिए  अंग्रेज़ो  से  लड़ाईया ! उन्होंने  नौजवानी  में  ही  किए  थे  ऐसे  काम  की  कहलाए  थे  धरतीपुत्र  महान !                24  की  उम्र  में  जिन्होंने  थामा  था  हँस   के  मौत  का  हाथ । उन्होंने  ही  तो  सिखाया  था  हमको  चेहरे  पर  अपने  रख  के  मुस्कान । जिंदगी  को  जीते  अपने  दम  पर  है ,   बाकी  जनाज़े  ही  दूसरों  के  कंधो  पर  चलते  है। किसी  ने  आज

मिडिल_क्लास

                वैसे  तो  हमने  बहुत  से  क्लासेज  के  बारे  में  सुना  और  पढा  है...   लेकिन  ये  एक  बहुत  ही  खास  तरह  की  क्लास  है  जिसके  बारे  में  मैं  कुछ  बाते  आपसे  शेयर  करना  चाहता  हू... बचपन  से  खुद  को  सीमाओं  में  बांध  रखा  है । खुद  की  हैसियत  को  भी  हमेशा  याद  रखा  है । फिर  भी  खुशी  से  जीते  है  हम , क्योंकि  मिडिल  क्लास  परिवार  से  है  हम । हमारे  यहा  बच्चों  के  कपड़े  लेने  जाते  है । तो  अक्सर  2....3 साल  बड़ा  ही  उठा  लाते  है । कुछ  लम्बा  चलने  की  उम्मीद  में  उसे  शुरुवात  में  हमे  कम  ही  पहनाते  है , हम  मिडिल  क्लास  है  उसी  कपड़े  में  छोटे  वाले  का  भी  काम  चलाते  है । हम  स्कूल  के  दिनों  में  बरसात  में  फ़टे  जूते  पहनकर  भी  काम  चलाते  थे । बरसात  के  बाद  नया  लेंगे  इस  उम्मीद  में  वो  पूरा  साल  ही  पास  कर  जाते  थे । फिर  भी  मोची  से  सिलवा  कर  चल  जाएगा  काम , हम  मिडिल  क्लास  है  हमारा  तो  यही  हाल  है । मेले  में  घूमते  हुए  खिलौने  तो  बड़े  ही  पसंद  आते  थे । पर  निकलते  निकलते  कोई  एक  वो  भी  छोटा 

मेरी अनकही कहानी(4)

       वो  आखिरी  पल chapter(4)                       Last chapter               कई  बार  मोहब्बक्त  में  गलतफहमियां  हो  जाती  है,  और  उस  एक  गलतफहमी  का  मुआवजा  हम  पूरी  जिंदगी  भरते  है।...  अक्सर  सफर  और  मंज़िल के  बीच  मे  ही  प्यार  दम  तोड़  देता  है  और  यही  अधूरी  कहानियां  ही  हमारे  सफर  को  खूबसूरत  बनाती  है...  कुछ  ऐसी  ही  अधूरी  कहानी  है  मेरी  जिसे  एक  हसीन  मुकाम  देकर  छोड़  दिया  मैंने  और  आजतक  उस  मोहब्बक्त  को  ना  सही  पर  उस  एक  पल  को  यादकर  जरूर  मुस्कुराता  हूं,  जब  सच  मे  मुझे  एहसास  हुआ  कि  शायद  यही  प्यार  है। प्यार  ढूंढने  में  उतना  वक़्त  नही  लगता  जनाब!  जितना  उसे  समझने  और  समझाने  में  लगता  है।। मैं  बता  रहा  था  कि  अब  हमारी  मुलाकाते  बढ़ने  लगी  थी,  अब  अक्सर  कहू  तो  हम  हर  दूसरे  दिन  मिलते  थे।  खूब  सारी  बाते  होती  थी,  वो  मुझे  अपने  बारे  में  बताती  और  मैं  उसे  उसके  ही  बारे  में  बताता।...                         वो  कहती  कि  बहुत  बोलती  हु  ना  मैं!  मैं  कहता  तुम्हारा  खामोश  रहना  च

शिक्षक_दिवस

 आप  सभी  को  शिक्षा  दिवस  की  हार्दिक  शुभकामनाएं...  मेरा  उन  सभी  शिक्षकों  और  गुरु  को  सत-सत  नमन  है,  जो  जिंदगी  के  हर  मोड़  पर  कुछ  न  कुछ  सिखाते  रहते  है।  वैसे  तो  हर  एक  गुरु  अपने  शिष्य  की  जिंदगी  लिखता  है,  पर  आज  एक  छोटी  सी  कोशिश  है  एक  शिष्य  की  अपने  गुरुओ  को  अपनी  लेखनी  से  सम्मान  देने  की... गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः।।                          भावार्थ: गुरु ब्रह्मा है, गुरु विष्णु है, गुरु हि शंकर है। गुरु हि साक्षात् परब्रह्म है, उन सद्गुरु को प्रणाम। जिस  प्रकार  एक  बीज  के  अंकुरित  होने से  लेकर  उसके  वृक्ष  बनने  तक  कई  चरण  होते  है,  (जैसे- बीज, जड़, तना, साखे, फल  आदि)  वैसे  ही  एक  इंसान  का  जीवन  भी  कई  चरणों  से  होकर  गुजरता  है  और  जीवन  के  हर  चरण  में  जाने  अनजाने  कितने  ही  गुरु  हमे  मिलते  है।  जो  जीवन  के  हर  उतार-चढ़ाव  की  हमे  सिख  देते  है,  जो  जीवन  मे  आने  वाली  हर  कठिनाइयों  से  लड़ने  और  संघर्ष  का  हौसला  दे